Share market kya hai aur kaise kam krta hai शेयर मार्केट क्या है और कैसे काम करता है 

आज इस लेख के माध्यम से हम सभी बहुत ही अच्छी तरह से जानेंगे कि शेयर मार्केट क्या है और कैसे काम करता है Share market kya hai aur kaise kam krta hai है। सबसे पहले यह समझना बहुत ही जरुरी है कि- 

शेयर क्या है  Share kya hai 

शेयर किसी कम्पनी या बिजनेस का एक छोटा सा हिस्सा, अंश अथवा भाग होता है। जिसका एक निश्चित अंकित मूल्य ₹10, ₹5, ₹4, ₹2 एवं ₹1 होता है। जो मार्केट में मांग और संख्या के अनुसार बाजार मूल्य पर Trade होते हैं

Share market ka matlab kya hai

इन कम्पनियों को शेयरों के तौर पर कारोबार करने के लिए लिस्ट किया जाता है और जहां इन पंजीकृत शेयरों को अधिकारिक रुप से खरीदा एवं बेंचा जाता है। उसे ही Share market शेयर मार्केट के नाम से जाना जाता है। यही share market ka matlab है। जिसे और जादा विस्तृत रुप से जाना भी बहुत जरुरी है

इसे इसके अलावा कुछ अन्य मुख्य नामों जैसे कि- स्टाक मार्केट अथवा इक्विटी मार्केट से भी ज मुख्य रुप से बाम्बे स्टाक एक्सचेंज BSE और नेशनल स्टाक एक्सचेंज NSE प्रमुख भारतीय स्टाक मार्केट हैं। यहां ही अधिक तम करोबार होता है। 

इन पर कोई भी गरीब सामन्य अथवा धनवान व्यक्ति किसी भी कम्पनी के शेयरों को खरीद व बेंच सकता है। और यह दोनों विश्व के 10 सबसे बडे एक्सचेंजों की सूची में सम्मिलित हैं।


Aaj ka share market kya hai

इसी के साथ आज 29/07/2021 का शेयर मार्केट क्या है यह भी जानते हुए आगे बढते हैं। 

मार्केट में NSE सूचकांक का Nifty50 +0.44% +69.05 अंकों की बडत के साथ 15,778.45 पाइंट पर बाजार बन्द होने तक करोबार कर रहा है।

Previous Close:- 15,676.20;

Open:- 15,762.70;

High:- 15,815.35;

Low:- 15,737.80;

NIFTY Next50: +0.05% के साथ +21.40 अंक बडकर 39,196.25 पाइंट पर रहा है।

NIFTY midcap50: 7,553.85 +82.95 +1.11%;

NiftyBank: 34,691.50 +158.60 +0.46%

Financial Services: 16,513.60 +68.85 +0.42%

जिसमें 23 इक्विटी बड़त में और 27 कम्पनियों के शेयर घाटे में कारोबार कर रहे हैं। और अपरिवर्तित 0; कोई कारोबार नहीं 0; कुल योग 50 इक्विटी। 

वही BSE का super 30 सूचकांक Sensex +0.42% +209.36 अंकों की बडत के साथ 52,653.07 पाइंट पर बन्द हुआ।

Previous Close:- 52,443.71;

Open:- 52,693.53;

High:- 52,777.18;

Low:- 52,561.39;

जिसमें 15 इक्विटी बड़त में और 14 कम्पनियों के शेयर घाटे में कारोबार कर रहे हैं, कुल योग 30 इक्विटी। और अपरिवर्तित 01, कोई कारोबार नहीं 0;

Share market kaise kam करता है 

यह बिजनेस व कम्पनियों और निवेशकों के लिए अलग-अलग तरह से काम करता है। हम यहां यह जानेंगे कि यह कैसे काम करता है--

शेयर कौन जारी करता है

जब किसी बिजनेस अथवा कम्पनी को अपने कारोबार को और अधिक बडाना होता है। तो उस कम्पनी को और पैसा चाहिए होता है। जितना पैसा उसके पास है। वह उस व्यवसाय को और अधिक बडाने के लिए पर्याप्त नहीं होता या उन्हें और पैसा चाहिए ही चाहिए।

तो वह कम्पनी बहुत बडे निवेशकों से, किसी वेंचर कैपिटल फर्म से बैंक या किसी वित्तीय संस्थान से अथवा Equity market के माध्यम से पब्लिक से पैसा उठाते हैं। और उस पैसे के वैल्यू के बराबर अपनी कम्पनी के Share शेयर जारी करती हैं। 

बाजार से पैसा उठाना

इस समस्त प्रक्रिया को दो भागों रखा जाता है। जैसे कि-

1- डेट फाईनेन्सिंग 

2- इक्विटी फाईनेन्सिंग 

1- डेट फाईनेन्सिग

डेट यानि कर्ज कम्पनी इस फाईनेन्स को किसी भी बैंक अथवा वित्तीय संस्थान से अपने बिजनेस के आकार एवम्ं प्रकार के आधार पर अपनी आवश्यकता के अनु रुप ले सकती है। किन्तु यह पैसा कुछ समय के बाद कम्पनी को वापस करना पड़ता है। और साथ ही ब्याज के रुप में एक बड़ी राशि भी चुकाना पडती है

Share market kya hai aur kaise kam krta hai-शेयर मार्केट क्या है और कैसे काम करता है
share market kya hai


और उसे अपने बिजनेस की आय एवम्ं लाभ का एक हिस्सा कर्ज के अनुसार चुकाना पड़ता है
। जिससे उनकी आय का एक निश्चित भाग कर्ज में ही चला जाता है। 
और वह कम ही प्रॉफिट कमा पाते हैं। इसका हल निकालने के लिए कम्पनी दूसरे तरीके का उपयोग करने का विचार लाती है

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2- इक्विटी फाईनेन्सिंग

बिजनेस एवम्ं कम्पनियों को बाजार से पैसा उठाने का यह सबसे अच्छा और प्रचलित तरीका है इक्विटी फाईनेन्सिंगइसके लिए वह कम्पनी बाजार में अपने शेयर जारी करती है। और पब्लिक से पैसा उठाकर उसे कम्पनी में हिस्सेदार बनाती है

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यह पैसा कम्पनी को ना तो वापस करना पड़ता है। और ना ही कोई ब्याज चुकाना पड़ता है। वह इससे अपने व्यापार को अपनी इच्छानुसार बडाने के लिए उपयोग करतीं है। 

जिससे कमाई हुई आय व लाभ को कम्पनी अपनी ग्रोथ के लिए उपयोग कर सकती है। और लम्बे समय में परफॉरमेंस भी लगातार बढ़ती है। जिससे बाजार में उसकी वैल्यूऐशन में और अधिक वृद्धि होती है

और उसके शेयरों की मांग बढ़ जाती हैफिर उसमें निवेशक अधिक निवेश करने को सदैव तैयार रहते हैं। इसके लिए कम्पनी स्टाक मार्केट में प्रारम्भिक पब्लिक ऑफर IPO लेकर आती है

प्रारंभिक पब्लिक ऑफर IPO kya hai

जब कम्पनी बिजनेस के लिए के बाजार से इक्विटी फाईनेन्सिग के माध्यम से पैसा उठाना चाहती है। तो उसे प्रारंभिक पब्लिक ऑफर IPO बाजार में लाना पड़ता है। जब हम इसके माध्यम से शेयर खरीदते हैं। तो हम सिधे कम्पनी से उसके शेयर खरीदते हैं। 

यह ऑफर लगभग 3-10 दिनों के लिए खुला रहता है। अधिक तर 3 दिनों के लिए ही खुला रहता है। पब्लिक को इन्ही दिनों में इनको खरीदने के लिए आवेदन करना होता है। और आवेदन के साथ उनके बैंक खाते में इनकी कीमत की राशि होल्ड हो जाती है। 

उन पैसोंं को हम खाते से निकल नहीं सकते। अभी यह लगभग ₹15,000-₹2,00,000 है। और यह 1 लौट से 13 लौट तक के लिए होती है। भविष्य में इस राशि को सात हजार करने की सम्भावना है।

इसके बाद आवेदकों कों इनका आवंटन जल्दी ही कर दिया जाता है। यदि इनके लिए अधिक से अधिक निवेशकों के आवेदन कम्पनी के पास पहुंचते हैं। तो इससे सभी निवेशकों को शेयर मिल भी नहीं पाते हैं। 

ऐसी स्थिति में उनके पैसे उन्हें वापस हो जाते हैं। और वह उन पैसों को चाहें तो निकल सकते हैं। और जिनकों यह मिल जाते हैं। उनके डीमैट खातों में यह आवंटित कर दिये जाते हैं। 

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इस दौरान हम इन्हें बेंच नहीं सकते केवल खरीद ही सकते हैं। इसके लिए स्टाक एक्सचेंज में लिस्ट होने तक प्रतिक्षा करनी पड़ती है। वितरण के लगभग 12-20 दिनों में यह एक्सचेंजों में लिस्ट हो जाते हैं। 

इनकी लिस्टिंग के साथ ही पब्लिक इनको अपनी इच्छा के अनुरुप खरीद और बेंच सकती है। जब हम स्टाक एक्सचेंज में लिस्टिंग के पश्चात इन्हें खरीदते हैं और बेंचते हैं। इस लेन-देन में कम्पनी शामिल नहीं होती है। 

यह सभी लेन-देन निवेशकों के बीच में ही होतें हैं। और हम यह शेयर निवेशकों से खरीदते हैं ना कि कम्पनी से। मूल्य का पैसा उस निवेशक को मिलता है। जिससे यह खरीदे जाते हैं। 

इसमें निवेश के लिए प्राइस बैण्ड के अनुसार निश्चित संख्या में शेयरों की एक लौट होती है। इस लौट के गुणात्मक में ही आवेदन कर सकते हैं। ना कि अपनी इच्छा के अनुसार संख्या में। इसमें यह प्राइस बैण्ड इन्वेस्टमेंट बैंक निश्चित करतीं हैं।

शेयर बाजार भाव या उतार चढ़ाव के कारण

स्टाक एक्सचेंज में लिस्टिंग के पश्चात जिस भी कम्पनी का बिजनेस माडल, परफॉरमेंस अथवा ग्रोथ बहुत अच्छी प्रकार से होती है निवेशकों को यह अधिक पसंद आता है। जिससे निवेशकों में इन शेयरों की मांग बढने लगती है। 

Share market me trading kya hai

वह इसमें अधिक निवेश करना चाहते हैं। इन शेयरों की संख्या निश्चित होने के कारण इनके भाव बढने लगते हैं। जो निवेशक इनके लिए अधिक भाव लगाता है। उसे यह मिल जाते हैं। और उनकी वैल्यू बड़ा जाती है

जबकि ठीक इसके विपरीत जब किसी कम्पनी का बिजनेस माडल व परफॉरमेंस खराब हो जाती है। निवेशकों को वह अधिक प्रॉफिटेबल नहीं लगता। तो वह इन्हें अधिक मात्रा में बेचना आरम्भ कर देते हैं। 

जिस कारण उनके भाव में तेजी से गिरावट आने लगती है। ठीक इस प्रकार से शेयर बाजार भाव में उतार चढ़ाव आता है। और कहा जाता है कि इस कम्पनी के भाव में तेजी और उसके भाव में गिरावट आ गयी। यह इस निरन्तर प्रक्रिया का प्रमुख कारण है।

इसके साथ कुछ अन्य कारण भी हैं। जैसे कि-

मानसून

क्योंकि यह बाजार भविष्य की योजनाओं और सम्भावनाओं पर कार्य करता है। हमारा भारत कृषि प्रधान देश है। इस आधार पर हमरी अर्थव्यवस्था कृषि पर निर्भर करती है। यदि मौसम विभाग के माध्यम से अच्छे मानसून की सम्भावनाऐं आती हैं। तो इस बाजार में उछाल आ जाता है। 

यदि औसत मानसून की सम्भावनाऐं प्रकट की जाती हैं। तो इक्विटी मार्केट में नकारात्मक दृष्टिकोण के साथ गिरावट का दौर रहता है

बजट भाषण

1 फरवरी को जब संसद में बजट भाषण होता है। इसमें अर्थव्यवस्था के अनुरुप एवम्ं लम्बे समय में वृद्धि की सम्भावना ओं और योजनाओं के स्वरुप को रखा जाता है। तो इससे इक्विटी मार्केट इसका में बड़ चडकर स्वागत करता है। 

और मनोवैज्ञानिक स्तर की तेजी देखने को मिलती है। यदि इन सम्भावनाओं में कुछ भी नकारात्मक दृष्टिकोण प्रकट होता है। इससे उसी रुप में गिरावट की ओर बडता है। 

सरकार व कम्पनीयों के अन्तर्राष्ट्रीय समझते

जब हमारी सरकार और कम्पनीयों के माध्यम बिजनेस ग्रोथ की दृष्टि से अन्तर्राष्ट्रीय समझोते होते हैं। इससे हमारे इक्विटी मार्केट के लिए सकारात्मक लाइन विकसित होती है। 

जिससे यह बडत दिखाता है। जबकि इससे विपरीत कुछ समझौते होते हैं। अथवा व्यापार समझौते टुटते हैं। फिर यह निचे की ओर आता है। 

अन्तर्राष्ट्रीय विवादास्पद मुद्दे

इसमें गिरावट के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के विवादास्पद मुद्दे भी अपनी समान रुप से भूमिका निभाते हैं। यदि किसी राष्ट्र के साथ किसी मुद्दे को लेकर मतभेद की स्थिति होती है। तव भी इसमें गिरावट का साफ असर देखा जा सकता है। 

अन्तर्राष्ट्रीय स्टाक मार्केट का प्रदर्शन

इस मार्केट के भावों में उतार चढ़ाव का एक मुख्य कारण अन्तर्राष्ट्रीय स्टाक मार्केट  का प्रदर्शन भी अहम रोल रहता है। हमारे सेंसेक्स और निफ्टी भी इनके प्रदर्शन का समर्थन करते हुए आगे बढते हैं

स्टाक मार्केट के नियम

इस बाजार में निवेश और निवेशकों की दृष्टि से अपने-अपने अलग नियम हो सकतें हैं। निवेशक बाजार एवम्ं निवेश के अनुसार अपने नियम और रणनीति में परिवर्तन करते रहते हैं। चाहे वह आम निवेशक हो या बडे फण्ड हाउस। 

शेयर कैसे खरीदें और न्यूनतम राशि बाजार में निवेश करने के लिए

इस बाजार में निवेश करने के लिए सबसे पहले आवश्यक रुप से एक डीमैट खाते का होना अति आवश्यक होता है। जिस खाते मे शेयरों को रखा जाता है। ठीक वैसे ही जैसे बैंक खाते में पैसे रखे जाते हैं। शेयर बाजार में निवेश करने के लिए कोई न्यूनतम राशि निश्चित नहीं है। 

यह निवेशकों की आर्थिक स्थिति पर निर्भर करता है। वह जितना कम से कम और अधिक तम राशि का निवेश कर सकते हैं। और दीर्घकाल में अधिक लाभ कमा सकते हैं।

ब्रोक्रेज फर्म के माध्यम से निवेश

बाजार में निवेश के लिए ब्रोकरेज फर्म के माध्यम से डीमैट खाता खुलवाकर ही निवेश किया जा सकता है। इसके साथ एक ट्रेडिंग एकाउंट भी खोला जाता है। जिसे इसी के साथ खोल दिया जाता है। 

ट्रेडिंग एकाउंट से ही इनको खरीदा व बेचा जाता है। और खरीदे हुए शेयर को डीमैट खाते में रखा जाता है।

कोई भी निवेशक बाजार में सिधे निवेश नहीं कर सकता है। बाजार और निवेशक के मध्य यह ब्रोकिंग फर्म मध्यस्थ की भूमिका में रहते हैं। और यह अपनी सेवाओं के लिए कुछ फीस लेते हैं।

किस प्रकार से बाजार में शेयर खरीद सकते हैं

इन्हें बाजार में कई प्रकार से खरीदा जा सकता है। जैसे कि -

1-  निवेशक अपनी ब्रोकरेज फर्म को सीधे फोन कर अपनी पसंद की कम्पनी को खरीदने एवम्ं बेंचने के लिए कह सकते हैं। इसके लिए निवेशक को अपना खाता संख्या बताना पड़ता है। 

और खरीद मूल्य के बराबर धनराशि डीमैट एकाउंट में होनी आवश्यक है। इसी तरह बेचने के लिए खाते में पहले से खरीदे हुए शेयर होना चाहिए।

2-  दूसरे ब्रोकिंग फर्म के एप के माध्यम से हम बाजार के कारोबारी समय सुबह 09:15-03:30 मिनट तक किसी भी समय कभी भी और कही से खरीदा अथवा बेंचा जा सकता है।

3- ब्रोकिंग फर्म की बेबसाइट के माध्यम से भी खरीदा व बेंचा जा सकता है।

शेयर बाजार से पैसे कैसे कमायें

इस बाजार से पैसे कमाने के लिए इसकी आधारभूत जानकारी का होना आवश्यक है। इस जानकारी के अभाव में यहां से पैसे कमाना कुछ कठिन है। इसके लिए एक अच्छे बिजनेस और कम्पनी के आधारभूत तत्वों को स्ट्रांग होना चाहिए। 

हम यहां 100-200% ही लाभ कमाने नहीं आये अपितु 10,000% से अधिक लाभ कमाने के उद्देश्य से आये हैं। मजबूत और लम्बे समय में बेहतर कारोबारी योजनाओं व प्रदर्शन करने वाली कम्पनीयों में ही निवेश कर लम्बे समय में धैर्य से लाभ या पैसे कमाये जा सकते हैं।

जिन्होंने भी इस मार्केट से पैसे कमाये हैं। उन्होंने लम्बे समय में और अच्छे बिजनेस में निवेश कर धैर्य से ही पैसे कमाये हैं। और दीर्घकालीन निवेश को दृष्टि में रखते हुए ही निवेश करना चाहिए।

कैपिटल एप्रीसियसन

इस बाजार में पैसे कमाने का मुख्य स्रोत कैपिटल एप्रीसियसन पूंजी अभिमूल्यन पैसे की कीमत बड़ना ही है। जैसे कि- 

माना आपने एक xy नाम की कम्पनी के 10 शेयर ₹1000 के भाव खरीदें और 2 वर्ष बाद इस xy कम्पनी के शेयर भाव बढकर ₹1800 हो जाता है। तो ₹1800-₹1000=₹800 का यह अन्तर ही कैपिटल एपरिशियशंस होता है।

सेंसेक्स एवं निफ्टी इनडैक्स

भारतीय शेयर बाजार का हाल जानने के लिए सेंसेक्स और निफ्टी इनडैक्स की स्थिति को देखकर ही यह जाना जा सकता है कि बाजार ऊपर गया अथवा नीचे गिरा है। यह इनडैक्स हरे निसान में है तो बडत और लाल निसान में है तो गिरावट हुई है।

सेंसेक्स अंग्रेजी के अक्षर SENStive और indEX के SENS+EX =  SENSEX से मिलकर बना है। इसमें अलग अलग क्षेत्र की 30 सबसे अच्छी कम्पनीयों को सम्मिलित किया गया है। 

जो अपने क्षेत्र की लीडर कम्पनीयां होती हैं। इन्ही 30 कम्पनीयों के प्रदर्शन के आधार पर ही सेंसेक्स में बडत और गिरावट को निश्चित किया जाता है।

इसी प्रकार से निफ्टी को National और fIFTY के N+IFTY = NIFTY को मिलाकर बनाया गया है। फिफ्टी इसलिए कि इसमें 50 अपने अपने क्षेत्र की सबसे बेहतर और लीडर कम्पनीयों को सम्मिलित किया गया है।  

जिनसे प्रत्येक सेक्टर के प्रदर्शन का अनु-मान कर लिया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है कि सभी कम्पनीयों के प्रदर्शन को ट्रैक करना जटिल होता है।क्योंकि निफ्टी में 1600 से अधिक और सेंसेक्स में 5600 से अधिक कम्पनीयां लिस्टिड हैं। 

शेयर बाजार में निवेश के लाभ 

इस बाजार में निवेश से कई लाभ प्राप्त किये जा सकते हैं कुछ यहां प्रस्तुत किये जा रहे हैं।

1- यदि खरीद के एक वर्ष के बाद बेंचा जाये तो उस पर हुए लाभ पर टैक्स नहीं लगता है।

2- निवेश से डिविडेंड के रुप में अतिरिक्त लाभ कमाया जा सकता है जो पूर्णतया टैक्स फ्री होता है।

3- बोनस शेयर के रुप में कम्पनीयां हमारे शेयरों की संख्या को बड़ा देतीं हैं। यह बोनस के अनुपात पर निर्भर करता है। यदि 1:1 का बोनस दिया जाता है तो उपलब्ध शेयरों की ठीक दोगुना हो जाती है। किन्तु भाव पहले के समान ही रहता है।

4- अंकित मूल्य फेस वैल्यू को टुकड़े यानि स्पष्ट करके इनकी संख्या दोगुनी, पांच गुनी और दसगुनी तक हो जाती है।किन्तु भाव पहले के समान ही रहता है। इसका लम्बे समय में बहुत अधिक लाभ मिलता है।

5- कम्पाउन्डिग की पावर का लाभ लम्बे समय में प्राप्त होता है। यह रिटर्न को कई गुना बड़ा देती है। इस बाजार में लम्बे समय के लिए सही निवेश कर बेहतर लाभ कमाया जा सकता है। 

अत: हमने आज यहां शेयर क्या है share kya hai, Share market kya hai aur kaise kam krta hai शेयर मार्केट क्या है और कैसे काम करता है Share Bazar स्टाक मार्केट और इक्विटी मार्केट Stock,Equity market में निवेश एवं फायदे के विषय में विस्तृत रुप से जानने का एक सफल प्रयास किया है।